जीमो जीमो जी सांवरिया करदो हमपे करम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भाँति भाँति का भोजन बनाया. मीठा और नमकीन

बहुत सुनी मैं चर्चा थारी. थे इन चीजों के शौकीन

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जीमो जीमो जी सावरिया करदे हमपे करम.

तरहा तरहां का भोजन बनवाया चर्चरी नरम.

खाले रोट हरियाणे का

लेले मजा तू खाने का

मांड सांभर को पीले राबड़ी

ना करियो सरम।।। जीमो जीमो

साग बनाया सरसो दा

रोटी बनाई मक्के दी

लस्सी ल्याया ठेठ पंजाबी

पिजा एक दम।। जीमो जीमो

ल्याया ढोकला गुजराती

इडली डोसा मद्रासी

दिल्ली वाली हरी कचौड़ी

गरमा गरम।।। जीमो जीमो

खाले ढसाल बाटी भी तू

पीले कढ़ी साटी भी तू

बीकानेरी भुजिया चम चम

चर्चरी नरम।।। जीमो जीमो

आम अमरूद अंगूर अन्नानाश

खीरा निम्बू बहुत है खास

कांकरिया है लाल टमाटर

लाया चमाचम।। जीमो जीमो

काजू किसमिस खुरमानी

नारियल छोहाड़ा बादामी

केला सेव पपीता चीकू

गाजर का हलुवा गरम।। जीमो जीमो

सौफ इलायची हाजिर है

साथ मे मिश्री रक्खी है

पान कलकत्ता वाला चबा के

पान बनारस वाला चबा के

करले बिश्राम।। जीमो जीमो

बतला और के खावेगा

झट से वो हाजिर पावेगा

नरसी त्यार खड़ा सेवा में

भग्त त्यार खड़ा सेवा में

करदे हुकुम।।। जीमो जीमो जी साँवरिया।।।।

Hemkant Jha Pyasa

9831228059

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।