जय हो मां गौरा के नंदन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

जय हो मां गौरा के नंदन,

गणपती प्रथम मनाऊं मैं,

आज राम गुण गाऊँ मैं.....

सिर पर मुकुट कान में कुंडल,

माथे पर सोहै ही शुभ चंदन,

लाल नयन दीखे अति प्यारे,

रूप देख हरसाऊ मैं,

आज राम गुण गाऊँ मैं.....

रूप चतुर्भुज और विशाला,

कंठ में सोहे मोतियन माला,

मोदक प्रिय बुध मंगल दाता,

चरण कमल चित् लाऊं मैं,

आज राम गुण गाऊँ मैं.....

लंबोदर तुम मूसा वारे,

एक हाथ में परसू धारे,

विघ्न हरण गोरा के नंदन,

राजेंद्र शीश झुकाऊं मैं,

आज राम गुण गाऊँ मैं.....

गीतकार गायक राजेंद्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।