मन में श्याम बसा है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन में श्याम बसा है मन में श्याम बसेगा,

मैं हूँ श्याम दीवाना जय श्री श्याम कहूंगा......

खाटू की पावन गलियों में गूँज रहा जयकारा,

हारे का भक्तों हैं बाबा श्याम ही एक सहारा,

हाँ श्याम ही एक सहारा,,

हम सब मिलके गायें श्याम धणी की किरपा,

मैं हूँ श्याम दीवाना जय श्री श्याम कहूंगा.....

श्याम धणी की जय जय बोलो हर एक कष्ट मिटेगा,

तुम भी जय बाबा की बोलो मन को चैन मिलेगा,

हाँ मन को चैन मिलेगा,,

तेरी महिमा न्यारी पूजे है नर नारी,

मैं हूँ श्याम दीवाना जय श्री श्याम कहूंगा......

श्याम नाम की मस्ती में है एक ऐसा जादू,

तेरे बारे में ही सोचू होता मन बेकाबू,

हाँ होता मन बेकाबू,,

देव दिनेश के ऊपर तू ही किरपा करता,

मैं हूँ श्याम दीवाना जय श्री श्याम कहूंगा.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।