श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी ( ravindra jain )

रविन्द्र जैन
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी

हे नाथ नारायण वासुदेवा

पितु मात स्वामी सखा हमारे

पितु मात स्वामी सखा हमारे

हे नाथ नारायण वासुदेवा

श्री कृष्ण गोविन्द हरे मुरारी (आ आ आ)

हे नाथ नारायण वासुदेवा (आ आ आ)

बंदी गृह के, तुम अवतारी

कही जन्मे, कही पले मुरारी

किसी के जाये, किसी के कहाये

है अद्भुद, हर बात तिहारी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।