तीन लोक त्रिपुरारी मेरे कैलाश त्रिशूलधारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तीन लोक त्रिपुरारी मेरे कैलाश त्रिशूलधारी,

इक तेरा भगत और फैन आर्मी, सुन भोले भंडारी.....

हो शिव शम्भु मेरे भोलेनाथ ये चेला तेरा ना माड़ा सै,

भक्ति में है चूर, कड़े भी ये ना हारा सै,

तेरे भक्तो में तेरी शक्ति सै, हो कैलाश डमरूधारी,

इक तेरा भगत और फैन आर्मी, सुन भोले भंडारी.....

सलूट सै उन भाईयो को, जो सीना ताने बॉर्डर पे,

ना देखे कभी और ना डरे आर्डर सै,

थोड़ा ध्यान राखिये भाईआ का, जिसने हिम्मत ना हारी,

इक तेरा भगत और फैन आर्मी, सुन भोले भंडारी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।