मेरा भरोसा ना टूटेगा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मुझको ये भरोसा है,

मेरा भरोसा ना टूटेगा....

स्वर्ग सा सुख मुझको,

मिला है माँ तेरे पाँव तले,

दुखों की धूँप से बचा हूँ मैं,

आकर तेरे आँचल की छाँव तले,

ममता भरा तेरा दामन,

मेरे हाथ से ना छूटेगा,

मुझको ये भरोसा है,

मेरा भरोसा ना टूटेगा.....

नाता तुझसे मेरा,

माँ सब नातों से न्यारा है,

दोनो जहां में ये रिश्ता,

सब रिश्तों से प्यारा है,

बंधन जो बंधा तुझसे,

वो बंधन ना टूटेगा,

मुझको ये भरोसा है,

मेरा भरोसा ना टूटेगा........

तुझसे आस ना करूँ,

तो माँ और करूँ किससे,

तेरा प्यार आया है,

बड़े कर्मों से मेरे हिस्से,

ना कभी कम होगा,

ना कभी मुझसे रूठेगा,

मुझको ये भरोसा है,

मेरा भरोसा ना टूटेगा........

जुड़ें रहें हाथ मेरे,

राजीव झुका तेरे दर पे रहे,

दुआओं भरे हाथ तेरे,

माँ सदा मेरे सर पे रहे,

तेरे चरणों की पनाह से,

कोई मेरा आसन ना लूटेगा,

मुझको ये भरोसा है,

मेरा भरोसा ना टूटेगा......

राजीव त्यागी नजफगढ़ नई दिल्ली

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।