माँ बाप की कमाई

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

माँ बाप ने अपनी कमाई बच्चो पे लुटाई

अपना निवाला वो छोड़ भूख सबकी मिटाई.....

दुनिया में आया है तो किसके पीछे आया है,

माँ ने अगर ये सोचा जनम तूने पाया है,

अब सोच ले तू एक बार उपकार किया है......

कहा है ये हमने सभी से माँ ही एक रचैया है,

पिता के ना जैसा कोई और ना खिवैया है,

जीवन भी दिया है उधार उसका क़र्ज़ चुका ले.........

कहती है भारती जग से माँ के जैसा कोई नहीं,

सब कुछ तो मिल जाता है माँ के जैसा प्यार नहीं,

संदीप करे है प्रचार अब समझ ले प्यारे,

माँ बाप ने अपनी कमाई............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।