भोले के नाम का प्याला पिएंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले के नाम का प्याला पिएंगे,

भोले के नाम का जप हम करेंगे,

मस्ती में झूमेंगे नाचे गाएंगे,

जब भी भोले मेरे डमरू बजायेंगे...

ओ दीवाने ओ मस्ताने,

भोले की ताक़त को तू ना जाने,

जो भी बने भोले के दीवाने,

दुनिया उसे साधु संतो में जाने,

भोले भोले मेरे, भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे, भोले भोले.......

माथे अर्ध चन्द्रमा साजे,

जिसके गले में नाग बिराजे,

भूत प्रेत हो या कोई भी शक्ति,

कुछ भी नहीं है मेरे भोले के आगे,

भोले भोले मेरे, भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे, भोले भोले........

जो धरती अम्बर को हिला दे,

जिसका जूनून समंदर उछाले,

जिसका त्रिशूल है इतना भयंकर,

अच्छे अच्छो के इसने प्राण निकाले,

भोले भोले मेरे, भोले भोले मेरे,

भोले भोले मेरे, भोले भोले.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।