हे शिव शंकर भोले बाबा मैं तेरे गुण गाऊं

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव शंकर भोले बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं,

ऐसा वर दे इन चरणों में,

ऐसा वर दे इन चरणों में,

सगरे जनम बिताऊं,

हे शिव शंकर भोलें बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं......

सोऽहं कहके मैं जन्मी थी,

तूने शिवम बताया,

धन्य भया ये जीवन मेरा,

सारा भरम मिटाया,

किरपा कर तू कर दे मुझपे,

किरपा कर तू कर दे मुझपे,

भव सागर तर जाऊं,

हे शिव शंकर भोलें बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं.......

द्वंद्व द्वेष सब मिट गए मेरे,

द्वार पे आके तेरे,

जन्म जन्म की धुंध छटी है,

पाप कटे है मेरे,

कुछ ऐसा कर दे हे भोले,

कुछ ऐसा कर दे हे भोले,

परम शांति मैं पाऊं,

हे शिव शंकर भोलें बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं........

सदा मांगती रही मैं तुझसे,

ऋणी रही मैं तेरी,

दयानिधि कल्याण करो अब,

सुन लो विनती मेरी,

मेरे सर पे ऋण है तेरा,

मेरे सर पे ऋण है तेरा,

कैसे उसे चुकाऊं,

हे शिव शंकर भोलें बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं........

हे शिव शंकर भोले बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं,

ऐसा वर दे इन चरणों में,

ऐसा वर दे इन चरणों में,

सगरे जनम बिताऊं,

हे शिव शंकर भोलें बाबा,

मैं तेरे गुण गाऊं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।