ओ माँ मेरी पत रखियो सदा

अनुराधा पौडवाल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

ओ माँ मेरी पत रखियो सदा, लाटावालिए,

दुखिया को, पापन को, दे दे सहारा,

तेरा मंदिर है न्यारा,

मुझे भी दे उजियारा,

मिटे मन का अंधियारा,

ओ माँ मेरी ओ माँ मेरी....

मोह माया के तोड़ के बंधन,

तेरे द्वारे आ गई जोगन,

कोई नही मेरा तेरे सिवा, लाटावालीये,

कोई नही मेरा तेरे सिवा, लाटावालीये,

मे दुखियारी शरण तिहारी,

झोली है खाली,

में आयी बन के सवाली,

ओ माता लाटावाली,

उचे मंदिरावली,

ओ मा मेरी पत रखियो सदा लाटावालीये.....

सूनी सूनी गोद भरे तू,

माता सब के कष्ट हरे तू,

कोई नही मेरा तेरे सिवा, लाटावालीये,

कोई नही मेरा,,

तेरे सिवा लाटावालीये,

पूजा के श्रद्धा के,

जो फूल लाए,

वो जो माँगे सो पाए,

तू बिगड़ी बात बनाए,

तू सब के भाग्य जगाए,

ओ मा मेरी पत रखियो सदा लाटावालीये......

माता तु है शक्ति शाली,

जग मे तेरी ज्योत निराली,

कोई नही मेरा,

तेरे सिवा लाटवालिए,

कोई नही मेरा,

कोई नही मेरा,

तेरे सिवा लाटवालिए.....

युग युग से भक्तो के,

दुखड़े निवारे,

शहंशाह आए द्वारे

और जैसे अटक नज़ारे

तेरी शक्ति से हारे

ओ मा मेरी पाट

राखियो सदा लाटवालिए,

दुखियाँ को पापन को,

दे दे सहारा,

तू बिगड़ी बात बनाए,

तू सब के भाग्य जगाए,

ओ माता लाटावाली,

ओ उचे मंदिरावाली,

ओ मा मेरी पत रखियो सदा लाटावालीये........

माँ मेरी पत रखियो सदा, लाटावालिए,

दुखिया को, पापन को, दे दे सहारा |

तेरा मंदिर है न्यारा,

मुझे भी दे उजियारा,

मिटे मन का अंधियारा,

ओ माँ मेरी ओ माँ मेरी ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।