बाबा ऐसा मन्त्र मार दे

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

|| ॐ श्री श्याम देवाय नमः,

ॐ श्री श्याम देवाय नमः ||

श्री श्याम जय श्याम,

जय जय शाम,

बाबा ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे......

बाबा लखदातार,

मन्ने घेरया कष्ट हजार,

इक इक गिणवा द्यूं सारे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे,

ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे,

मन्ने लागी नज़र उतार दे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे,

ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे.....

मेरे घर घुसी कंगाली,

मेरे पेट जेब दोनों ख़ाली,

मिलता ना तुम्हारा राशन,

माथा पीटे घरआली,

मेरा सारा कष्ट उतार दे,

मेरे हो जाएं वारे न्यारे,

बाबा, ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे.........

बाबा कर दे एक सिग्नेचर,

मेरे सर का टाळ शनिश्चर,

दरकार है एक कोठी की,

संग इम्पोर्टेड फर्नीचर,

मेरा बैंक बेलेन्स सुधार दे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे,

बाबा, ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे........

आने जाने की सवारी,

तू दे दे रे गिरधारी,

सारी उम्र घसीटी साइकिल,

मेरी कमर टूट गई सारी,

अब तो ऑडी कार दे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे,

बाबा, ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे.........

अब खोल दे अपना लॉकर,

मेरा सॉलिड बना दे फ्यूचर,

लक्ष्मी जी भेज मेरे कैशियर,

फाइनेंश मुझे नहीं डर,

लक्खे का काळजा ठार दे,

मेरे हो जाए वारे न्यारे,

बाबा, ऐसा मन्त्र मार दे,

ओ बाबा ऐसा मन्त्र मार दे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।