भोले डमरूवाले तेरा सच्चा दरबार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले डमरूवाले तेरा, सच्चा दरबार है,

तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है.....

भक्तों के खातिर, कलयुग में आया,

दरबार अपना, भोले डमरू लगाया,

अपने भगत के लिये, करता चमत्कार हैं,

तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है........

आवाज जिसने, दिल से लगाई,

बिगड़ी हुई को, पल में बनाई,

दीन और दुखी के लिए, हरदम तैयार है,

तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है.......

दरबार तेरा, सबसे निराला,

कलयुग में तेरा, है बोल बाला,

भोले चरणोँ में, करता नमस्कार है,

तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है............

भोले डमरूवाले तेरा, सच्चा दरबार है,

तेरी जय जयकार बाबा, तेरी जय जयकार है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।