ढूंढोगे चाहे दिल्ली मुंबई आगरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ढूंढोगे चाहे दिल्ली मुंबई आगरा नही मिलेगा ऐसा साँवरा,

यूपी हो बिहार या हरयाणा हो पंजाब सारे डंका माने मेरे श्याम का,

सारे जग में सांवरिया की महिमा देखो भारी,

इसकी महिमा का क्या कहना सब देवो से न्यारी,

सबसे प्यारा है मेरा संवारा,

नाम पुज्वाया खाटू धाम का जी,

कहलवती का लाला ये है भगतो का रखवाला ये है,

छोरा कहलाया गोकुल गाव का,

नही मिले गा ऐसा संवारा.........

देविकी ने जनम दिया है मात यशोदा उसकी,

राधा रुकमनी घरवाली दीवानी मीरा उसकी,

सबका सखा है मेरा संवारा जी,

कोई नही मेरे श्याम सा जी अरे हारे का यही है सहारा,

सारे जग को इसने तारा, लेलो सहारा इसके नाम का,

नही मिले गा ऐसा संवारा........

बालक पण में ऊँगली जिसने पर पर्वत उठाया,

गोपियों संग रास रचाया माखन खूब चुराया,

हाले भला है मेरा संवारा जी नन्द का लाला है मेरा संवारा जी,

नीले का असवार ये है भगतो का बनवारी ,

देव कहलाया कलयुग धाम का,

नही मिले गा ऐसा संवारा...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।