घर में पधारो भोलेबाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- घर में पधारो गजानंद जी

घर में पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

कष्ट निवारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

घर में पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो........

शीश नवाऊ तुमको बुलाऊ,

शीश नवाऊ तुमको बुलाऊ,

सब दुःख टारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

घर मे पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो.....

गुण तेरे गाउँ दया ना भुलाऊ,

गुण तेरे गाउँ दया ना भुलाऊ,

भाग्य सवारों भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

घर मे पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो......

तुम को ही ध्याऊँ मन में बसाऊं,

तुम को ही ध्याऊँ मन में बसाऊं,

पार उतारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

घर मे पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो....

दुःख ले जाओ सुख दे जाओ,

विनती स्वीकारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो,

घर मे पधारो भोले बाबा,

मेरे घर में पधारो..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।