मैया तेरे दर दीवाने आए है

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

नई सदी की खुशियां पाने आए है,

मैया तेरे दर दीवाने आए है.........

पिछले बरस तुमने मुझसे, वादा किया था आद भवानी,

वादा किया था आद भवानी,,

चेहरे पे मुस्काने दूंगी, ले लूंगी आंखों का पानी,

तुझको उसकी याद दिलाने आए है,

मैया तेरे दर दीवाने आए है.........

तेरी किरपा की गंगा से, एक बूंद हमको मिल जाए,

सूखे हुए दिलों की बगिया, तेरी दया से मां खिल जाए,

जन्म जन्म की प्यास बुझाने आए है,

मैया तेरे दर दीवाने आए है.........

ये सारा संसार भवानी, तेरे चरणों का है पुजारी,

खाली झोली भरदे सबकी, मांग रहे ही दया तुम्हारी,

हम ललित फरियाद सुनाने आए है,

मैया तेरे दर दीवाने आए है.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।