ॐ जय शिव जय महाकाल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज:- ॐ जय शिव ओमकारा

ॐ जय शिव जय महाकाल,

स्वामी जय शम्भू महाकाल,

ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,

ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,

तुम कालो के काल,

ओम जय शिव जय महाकाल.....

बारह ज्योतिर्लिंग में,

महिमा बड़ो है नाम,

क्षिप्रा तट उज्जैन में,

महाकाल को धाम,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

तुम भीमेश्वर देवा,

तुम काशी विश्वनाथ,

गोमती तट त्रयंभकेश्वर,

दारूकवन नागनाथ,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

हाथ जोड़ तेरे द्वारे,

काल खड़ा लाचार,

सुर नर असुर चराचर,

सब के हो करतार,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

चिता भस्म से तेरो,

नित नित हो श्रृंगार,

भक्तन का मन मोहे,

तेरो रूप निहार,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

भस्म आरती तेरी,

अद्भुत है भगवन,

भाग्यवान नर नारी,

पाएं शुभ दर्शन,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

साथ में गणपति गौरा,

कार्तिक है देवा,

द्वार खड़े है नंदी,

नित उठ करे सेवा,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

जो जन तेरा दर्शन,

श्रद्धा से कर जाए,

मौत अकाल ना आए,

सुख वैभव पा जाए,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

महाकाल की आरती,

जो नर नारी गाए,

कहत महेश प्रभु से,

मन इच्छा फल पाए,

ओम जय शिव जय महाकाल।।

ॐ जय शिव जय महाकाल,

स्वामी जय शम्भू महाकाल,

ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,

ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,

तुम कालो के काल,

ओम जय शिव जय महाकाल.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।