होलियाँ में उडे रे गुलाल

आचार्य मनोज कुमार जैमन
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

होलिया में उडे रे गुलाल, बरसाने की गलियों में,

बरसाने की गलियों में ,बरसाने की गलियों में,

बरसाने की राधा रानी,

गोकुल के घनश्याम,

बरसाने की गलियों में,

राधा के संग में सखियाँ सारी,

कृष्ण के संग बलराम ,

बरसाने की गलियों में,

भर पिचकारी कान्हा ने मारी,

राधा को कर दिया लाल,

बरसाने की गलियों में,

राधा जी तो गौरी गौरी,

साँवले सलौने नंदलाल,

बरसाने की गलियों में,

श्याम के हाथों में मुरली सोहे,

राधा के हाथों में गुलाल,

बरसाने की गलियों में,

लेखक-आचार्य मनोज कुमार जैमन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।