नजर महाकाल की एक बार जो हो जाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे महाकाल की नजरो में जो भक्त उतर जाता है,

कितना भी गहरा सागर हो पार उतर जाता है,

डूबती हुई कश्ती भी पार हो जाये,

नज़र महाकाल की एक बार जो हो जाए.....

मेरे महाकाल की तो बात ही निराली है,

किया उद्धार उनका जिनपे नज़र डाली है,

मेरे त्रिकाल का आधार जो हो जाए,

नज़र महाकाल की...........

जो भक्त बस गए महाकाल की निगाहों में,

बिछाता फुल महाकाल उनकी रहो में,

चाहे जग में दुश्मन हजार हो जाए,

नज़र महाकाल की...........

भक्ति और भाव से जो भोले का गुणगान करें,

कल्याणकारी बाबा भक्तो का कल्याण करें,

जिंदगी का सपना साकार हो जाए,

नज़र महाकाल की............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।