म्हारी नजरा मोती आया

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

म्हारी नजरा मोती आया, म्हारी नजरा मोती आया,

सदगुरु न शब्द बताया, म्हारी नजरा मोती आया,

म्हारी नजरा मोती आया.....

ऐना बारीक नजर नहीं आवे,

अरे मैं चित देखूं उत छाया,

म्हारी नजरा मोती आया.....

कंकर पत्थर की मत कर आसा,

गुरु हीरा लाल परखाया,

म्हारी नजरा मोती आया.....

लाखण उपर लाखन चढ़िया,

अरे ओ गगन मंडल में छाया,

म्हारी नजरा मोती आया.....

कहे जन सिंगा सुनो रे भाई साधो,

गुरु अटल खजाना पाया,

म्हारी नजरा मोती आया.....

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।