तेरे दर पे आया मैं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे आया मैं सुनलो ये मेरा अफसाना,

करो ना बहाना मां करो ना बहाना,

तेरे दर पे आया मैं.....

गर तेरे दर पे मेरी बात ना बनेगी,

सारी ये दुनियां मैया तुझपे हंसेगी,

तुझको मिलेगा मां, फिर ये ताना,

करो ना बहाना मां.....

किसको सुनाऊं मैं अपनी कहानी,

तू है दयालु मैया सुनी है जुबानी,

तेरे चरणों का मैं दीवाना,

करो ना बहाना मां.....

धर्मी को तारा है पापी को भी तारो,

कबसे खड़ा है दास अब तो निहारो,

तुम बिन कहां है मां ठिकाना,

करो ना बहाना मां करो ना बहाना......

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।