तुम रूठी रहो माता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

ख्वाबो में असर होगा घर बैठे बुला लेंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

तुम कहती हो मैया तुम्हे कहा बिठायेगे,

मन मंदिर मे तेरी, मन मंदिर मे तेरी,

तस्वीर बसा लेंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

तुम कहती हो मैया तुम्हे क्या चढ़ाएँगे,

माँ भक्ति का तुझको, माँ भक्ति का तुझको,

हम हार चढ़ा देंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

तुम कहती हो मैया तुम्हे क्या खिलाएँगे,

मेवा से मेरी माता, मेवा से मेरी माता,

तेरा भोग लगाएँगे

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

तुम कहती हो मैया तुम्हे कहा सुलाएँगे,

फुलो से तेरी माता, फुलो से तेरी माता,

हम सेज सज़ा देंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

ख्वाबो मे असर होगा घर बैठे बुला लेंगे,

तुम रूठी रहो माता हम तुमको माना लेंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।