भोला वंडदा मुरादा हर वेले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोला वंडदा मुरादा हर वेले,

तैनू मँगना ना आवे ते मै की करा......

रब बुल्ले ने भी पाया सी,

ओहने नच नच यार मनाया सी,

तैनू नचना ना आवे ते मै की करा,

भोला........

रब मीरा ने भी पाया सी,

ओहने जहरा विचो श्याम नू पाया सी,

तैनू पाना ना आवे ते मै की करा,

भोला........

रब शबरी ने भी पाया सी,

ओहने बेरा विचो राम नू पाया सी,

तैनू पाना ना आवे ते मै की करा,

भोला.........

रब द्रौपती ने भी पाया सी,

ओहने चीरा विचो श्याम नू पाया सी,

तैनू पाना ना आवे ते मै की करा,

भोला........

रब धन्ने ने भी पाया सी,

ओहने पथरा विचो श्याम नू पाया सी,

तैनू पाना ना आवे ते मै की करा,

भोला.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।