फूल चढ़ाऊं मैं भोले पर

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

फूल चढ़ाऊं मैं भोले पर फूल नहीं मेरा दिल है........

मैं तुमसे पूछूं ऐ मेरे भोले क्या तुम्हारे काबिल है,

शीश भोले के गंगा बिराजे, चंद्रमा उनके काबिल है,

गले भोले के मुंडो की माला सर्प उनके काबिल है,

अंग भोले के भस्म विराजे बाघ अंबर उनके काबिल है,

हाथ भोले के डमरू विराजे त्रिशूल उनके काबिल है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।