मेरे शिव हैं भोले भाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,

कि झोली तेरी भर देंगे सावन में.......

तुम हरिद्वार को जाना, गंगा में डुबकी लगाना,

हो..,, कि पाप सारे धुल जाएंगे, सावन में,

मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,

कि झोली तेरी भर देंगे सावन में.......

तुम काशी नगरी जाना, भोले के जयकारे लगाना,

कि भोले तुम्हें मिल जाएंगे सावन में,

मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,

कि झोली तेरी भर देंगे सावन में.......

तुम केदारनाथ को जाना, शिवलिंग को जल चढ़ाना,

हो..,, कष्ट सारे मिट जायेंगे सावन में,

मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,

कि झोली तेरी भर देंगे सावन में.......

तुम नीलकंठ को जाना, भोले को भोग लगाना,

भंडारे तेरे भर जायेंगे सावन में,

मेरे शिव हे भोले भाले, मेरे शिव हैं भोले भाले,

कि झोली तेरी भर देंगे सावन में.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।