शिव पुराण आरती

पारंपरिक
महादेव आरती शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव पुराण शिवजी की आरती कीजिए।

शिव चरणों में ध्यान अपना दीजिए॥

ये महाग्रन्थ है शिव पुराण, सन्मार्ग दिखाने वाला,

सब बिगड़ी बनाने वाला - 2

सुनते सुजान, करते है ध्यान, शिव अमृत रस को पीजिए॥

झांकी अनूप, कल्याण रूप, सबके मन को ये भाये,

मन मंदिर में बस जाए -2

शिव ध्यान लगा, मन को भी जगा, तन मन धन अर्पण कीजिए॥

चौबीस हजार श्लोकों का सार, ये पावन ग्रन्थ कहाये,

शिव की महिमा बतलाऐ -2

हो जा पुनीत विषयों को जीत, मन कामना फल सब लिजिए॥

ये विश्वनाथ, करते संघात,सब दुख मिटाने वाला,

भव पार लगाने वाला -2

जप नमः शिवाय -2, जीवन सफल सब कीजिए॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।