गूंजे सदा जयकार हो भोले तेरे भवन में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बेलपत्र और गंगाजल से,

भक्ति भाव से पुजा कर ले,

तारेंगे भव से पार, हो चलो शिव के शरण मे,

गूँजे सदा जयकार हो भोले तेरे भवन मे.....

शिव का ध्यान करे मन निर्मल,

शिव भक्ति है पुण्यों यो का फल,

करते है भोले निवास, हो अपने भक्तो के मन मे,

गूँजे सदा जयकार हो भोले तेरे भवन मे......

संकट से शिव सदा उबारें,

दर्शन देकर भाग सवारे,

भोले की महिमा अपार, हो हम गाएं सब मिलकर,

गूँजे सदा जयकार हो भोले तेरे भवन मे.......

मधुर भजन बेला (Shweta Pandey)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।