तेरी मुरली में वो जादू है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – तेरे चेहरे में वो जादू है

तेरी मुरली में वो जादू है,

बिन डोर खिंचा आता हूँ,

जाना होता है और कही,

तेरी ओर चला आता हूँ,

तेरी मूरली में वो जादू है........

तेरी बांस की मुरली तो,

रिझाती हम सब भक्तो को,

दीवाना ये कर जाती है,

सबमे प्यार ही प्यार जगाए.......

तू तो एक तरंग डाले,

जी उठे मरने वाले,

तेरे दरश के मतवाले,

दिल में जीने की आस बढाए,

चल पड़ते है तेरे पास कदम,

मैं रोक नहीं पाता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है,

बिन डोर खिंचा आता हूँ,

जाना होता है और कही,

तेरी ओर चला आता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है........

श्याम तेरे भगत दीवाने है,

तेरे सब चाहने वाले है,

तेरे बिन जीवन सूना है,

इस जीवन की प्यास बुझा दे....

तू जो सच्चा जानी है,

तुझसे आस पुरानी है,

मेरे जीवन की नैया को,

पल में भव से पार लगा दे,

मिलना तुमसे मुश्किल ही सही,

मिलने को मचल जाता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है,

बिन डोर खिंचा आता हूँ,

जाना होता है और कही,

तेरी ओर चला आता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है........

जब से तुझको देखा है,

‘संजू घनश्याम’ दिवाना है,

दीवाना दिल ये कहता है,

मेरी खुशियों का तू है खजाना,

जगा के प्यार तू हर दिल में.....

कर दे कमी सभी पूरी,

तुझसे थोड़ी भी दुरी,

‘निरंजन’ करती है ये दीवाना,

पाना तुझको मुश्किल ही सही,

पाने को मचल जाता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है,

बिन डोर खिंचा आता हूँ,

जाना होता है और कही,

तेरी ओर चला आता हूँ,

तेरी मुरली में वो जादु है........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।