तेरी पूजा मे मन लीन रहे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

मीट जाये जन्मों की तृष्णा,

श्री राम मिले जो प्यार तेरा.....

तुझमे खोकर जीना है मुझे,

मै बूँद हूँ तु इक सागर है,

तुझ बिन जीवन का अर्थ है क्या,

मै तारा हूँ तु अम्बर है,

तुने मुझको स्वीकार किया,

क्या कम है ये उपकार तेरा,

तेरी पुजा मे मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

मीट जाये जन्मों की तृष्णा,

श्री राम मिले जो प्यार तेरा.....

यूँ मुझको तेरा प्यार मिला,

बेजान को जेसे जान मिली,

जिस दिन से तुझको जाना है,

मुझको मेरी पहचान मिली,

देदी तुने चरणों मे जगह,

क्या कम है ये उपकार तेरा,

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

तेरी पूजा मे मन लीन रहे,

मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा,

मीट जाये जन्मों की तृष्णा,

श्री राम मिले जो प्यार तेरा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।