ध्यान मैया जी के चरणों में लगाले

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झूठी दुनिया से मन को हटाले,

ध्यान मैया जी के चरणों में लगाले,

नसीबा तेरा जाग जाएगा,

नसीबा तेरा जाग जाएगा.....

सच्चा है दरबार यहाँ माँ अम्बे का,

मिलता है प्यार यहाँ जगदम्बे का ||

रहोगे दूर चरणों से तो खोना ही खोना,

वह पीतल ही पीतल है यहाँ सोना ही सोना है,

नसीबा जगाना है तो माँ के चरणों की शरण में आओ,

और बोलो जय माता दी,

झूठे संसार का तो चलन अनोखा है,

पग पग मिले यहाँ धोखा ही धोखा है,

पग पग मिले यहाँ धोखा ही धोखा है,

मान जाएगी तू मैया को मनाले,

ज्योत माँ की तू प्रेम से जगा ले,

नसीबा तेरा जाग जाएगा,

लख्या नसीबा तेरा जाग जाएगा.....

सच्चा है दरबार यहाँ माँ अम्बे का,

मिलता है प्यार यहाँ जगदम्बे का ||

माल तेरे पास है तो माल तेरा खायेंगे,

हुआ जो ख़तम तो नजर नही आयेंगे,

हुआ जो ख़तम तो नजर नही आयेंगे,

महामाई को तू अपना बना ले,

प्यार माँ का अनूठा है तू पाले,

नसीबा तेरा जाग जाएगा,

ओये भक्ता नसीबा तेरा जाग जाएगा.....

सच्चा है दरबार यहाँ माँ अम्बे का,

मिलता है प्यार यहाँ जगदम्बे का ||

शेरावाली मैया मेरी ममता की खान है,

भक्तो को प्यार देती बड़ी ही महान है,

भक्तो को प्यार देती बड़ी ही महान है,

हाथ इनका तू सर पे धरा ले,

काम फिर चाहे कुछ भी करा ले,

नसीबा तेरा जाग जाएगा,

ओये लख्या नसीबा तेरा जाग जाएगा......

सच्चा है दरबार यहाँ माँ अम्बे का,

मिलता है प्यार यहाँ जगदम्बे का ||

श्यामसुन्दर मैया तेरे चरणों का दीवाना है,

सारा जग झूठा सच्चा तेरा माँ ठिकाना है,

सारा जग झूठा सच्चा तेरा माँ ठिकाना है,

मातृदत लो चरणों में लगा ले,

लख्खा बिगड़ी हुई को बनाले,

नसीबा तेरा जाग जाएगा,

ओये लख्या नसीबा तेरा जाग जाएगा.....

सच्चा है दरबार यहाँ माँ अम्बे का,

मिलता है प्यार यहाँ जगदम्बे का ||

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।