भोले बाबा को रंगो आज सब मिलके सारे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

होली में गूँज रहा देखो रंगो का त्योहार,

हो भोले बाबा को रंगो, आज सब मिलकर के सारे......

हाथों में लाये है गुलाल मल के,

बाबा को रंग लगाओ मल के,

नंदी को संग में रंग लगाओ सब मिलके,

हो भोले, हो शंकर बाबा को रंगो, आज सब मिलकर के सारे......

रंग ऐसा रंगयो के छूटे ना,

भोले मिले है बड़े यतन से,

रंग लगा के फिर भंगिया भी पिलाना,

हो भोले, हो शंकर बाबा को रंगो, आज सब मिलकर के सारे......

कैलाश में होली की धूम मची है,

रंगो की एक दुनिया सजी है,

सब भक्त बाबा को रंग लगाए जाते है,

हो भोले, हो शंकर बाबा को रंगो, आज सब मिलकर के सारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।