अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा,

गणपति बाबा मेरे गणपति बाबा,

इंदौर खजराना में मंदिर बनो है ,

मंदिर में बाबा को आसन लाग्यो है ,

आसन पे बैठे गणराजा मेरे गणपति बाबा,

कोडन को काया दे निर्धन को माया,

बाँझन पर किर्पा ललन घर आया ,

बाबा बड़े वरदानी मेरे गणपति बाबा,

अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा,

बाबा को भार संभालयो है पंडा,

हाथो में जिनके बाबा को झंडा,

झंडा पे बैठे गणराजा मेरे गणपति बाबा,

अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा,

दिल्ली में डूंडा और मुम्बई में डूंडा,

कलकत्ता कटरा जालंदर में डूंडा,

खजराना गड में दिखाए मेरे गणपति बाबा,

अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा,

बाबा के दर्शन को मोनी भी,

करदो मधुर मोरी वाणी मेरे गणपति बाबा,

अंगना पदारो गणराजा मेरे गणपति बाबा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।