उठ के सवेरे जेहड़े सोहने दर्शन पावदे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

उठ के सवेरे जेहड़े सोहने दर्शन पावदे,

मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पावदे....

श्याम दे द्वारे उत्ते डेरा जिहने ला लया,

जीवन ओहना ने अपना सफल बना लया,

गुण उस आदमी दे देवता वी गाणगे,

मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,

उठ के सवेरे जेहड़े......

सौंप दिति जिंद जिहने सतगुरू प्यारे नू,

अपना बना लया जिहने हारा वाले नू,

श्याम दे सोणे सोणे दर्शन पानगे,

मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,

उठ के सवेरे जेहड़े......

वृन्दावन आन वेले कदे वी ना रुकदे,

प्रेम वाले लगे बूटे कदे वी ना सुकदे,

चककर चौरासी वाले आपे कट जानगे,

मंगिया मुरादा हारा वाले कोलो पाणगे,

उठ के सवेरे जेहड़े......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।