जय कारे महाकाल के

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बोल बम का नारा है, महाकाल हमारा है,

अरे बोल बम का नारा है, महाकाल हमारा है,

कालो के भी काल की, जय बोलो महाकाल की,

कालो के भी काल की, जय बोलो महाकाल की,

अकाल मोत वो मरे, जो काम करे चंडाल का,

काल उसका क्या करे, जो भक्त है महाकाल का,

उज्जैन नगरी गुजेगी, महाकाल के जयकारो से,

उज्जैन नगरी गुजेगी, महाकाल के जयकारो से....

बोल बम का नारा है, महाकाल हमारा है,

कालो के भी काल की, जय बोलो महाकाल की,

मैं भी बोलू, तुम भी बोलो, जय महाकाल, जय महाकाल,

जोर से बोलू, जोर से बोलो, जय महाकाल जय महाकाल,

एक बार नहीं, सो बार नहीं, हर बार यहीं दोहरागे,

जय महाकाल, जय महाकाल, जय जय कार लगायेंगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।