गजानंद तुम्हारे चरणों में एक प्रेम पुजारी आया है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – दिल लूटने वाले जादूगर

गजानंद तुम्हारे चरणों में,

एक प्रेम पुजारी आया है,

एक प्रेम पुजारी आया है,

तेरे द्वार भिखारी आया है.....

मेरे हाथो में फूलो की माला है,

ये तुझे पहनाने आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है......

मेरे हाथो में जल का लौटा है,

ये तुम्हे नहलाने आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है....

मेरे हाथ में चंदन की प्याली है,

ये तिलक लगाने आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है.....

मेरे हाथ में मोदक मिश्री है,

ये भोग लगाने आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है.....

मेरे हाथ में तेरी माला है,

तेरा नाम जपन को आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है.....

एक प्रेम पुजारी आया है,

तेरे द्वार भिखारी आया है,

गजानंद तुम्हारे चरणो में,

एक प्रेम पुजारी आया है...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।