गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम

पूनम यादव
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,

आठों याम जपूँ मैं,

गुरूजी को नाम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम.....

मैं हूँ दीन तो सतगुरु दयालु,

किरपा है करते बनके कृपालु,

गुरुवर की सेवा ही,

सबसे है ऊँचा काम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम......

सतगुरु में देखूं मथुरा और काशी,

आत्मा मेरी है सतगुरु की दासी,

गुरु में ही देखे है,

मैंने शिव और राम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम......

नैनो में बसे गुरु जय हो जय हो,

दिल कहूं गुरु जय हो जय हो,

गुरु के बिना नहीं,

जग में कही आराम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम.......

कमल कपिल पूरी संत सयाने,

भक्तों के रहते है बनके मुहाने,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम......

गुरुवर के चरणों में, मेरा है प्रणाम,

आठों याम जपूँ मैं,

गुरूजी को नाम,

गुरुवर के चरणो में,

मेरा है प्रणाम......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।