सखी पूछे हैं बात सुनो भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सखी पूछे हैं बात सुनो भोलेनाथ,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे हैं ताना,

तेरे माथे पर टीका क्यों ना,

भोले चंदा के साथ मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे हैं ताना,

तेरे कानो में झुमके क्यों ना,

भोले बिच्छू के साथ मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे हैं ताना,

तेरी गले में हरवा क्यों ना,

भोले नागों में मगन मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे हैं ताना,

तेरे हाथों में कंगन क्यों ना,

भोले डमरू में मगन मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे हैं ताना,

तेरे तन पर साड़ी क्यों ना,

भोले भस्मी में मगन मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

लक्ष्मी कस कस के मारे है ताना,

तेरे पैरों में पायल क्यों ना,

भोले घुंघरू में मगन मेरी बहना,

कैसे मिले भरतार मेरी बहना.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।