सर पर रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सर पर रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज

शंभू शंभू नाम तेरा जब लेता हूं,

इक पल में ही सारी सदियां जीता हूं,

जहर दिया है दुनियां वालों ने हरदम,

लेकिन मैं शिव नाम का अमृत पीता हूँ,

सर पे रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज.......

शम्भो.........

शंभू बिना जग सूना लागे,

आस मिलन की मन में जागे,

चाहे जितना रोकूं इसको,

पागल मन उज्जैन ही भागे,

मुझे बुला लो पास, मेरे महाकाल महाराज,

सर पे रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज.......

छोड़ जगत को तुमको चाहूं,

हर दम तेरे लाड़ लड़ाऊं,

तुमको पाने की खातिर मैं,

पूरी दुनिया से लड़ जाऊं,

रहना मेरे साथ मेरे महाकाल महाराज,

सर पे रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज.......

मेरा पहला इश्क तुम्ही हों,

आँखो का हर अश्क तुम्ही हों,

मेरी हर इक बात तुम्ही हों,

यादों की बारात तुम्ही हों,

जीवन की सुखी बगिया में,

करूणा की बरसात तुम्हीं हो,

सर पे रख दो हाथ मेरे महाकाल महाराज.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।