हर पल तुम्हारी याद आती रहे राघव

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आओ दिल ने तुमको पुकारा,

हर पल तुम्हारी याद आती रहे राघव, आती रहे,

तेरी छवि मन को लुभाती रहे,

हर पल तुम्हारी याद आती रहे.....

फूलों और कलियों में तेरी हंसी हो,

बुलबुल के गीतों में तेरी खुशी हो,

वाणी तेरे गुण गाती रहे,

हर पल तुम्हारी याद आती रहे.....

कुछ भी नहीं था सिवा तेरे प्यारे,

जो कुछ भी था सब तेरे हवाले,

नैनो में तेरी छबि समाती रहे,

हर पल तुम्हारी याद आती रहे.....

प्रभु हम भक्तों की चाह यही है,

श्रीराम मिलन की आस जगी है,

( प्रेम में कुछ इस तरह मगरुर हो जाऊंगा मैं,

श्याम तुम बनना समा ताफुर हो जाऊंगा मैं,

मै जो गर चाहूं तो चाहूं तुम न मुझको चाहना,

और तुम जो गर चाहे तो फिर मशहूर हो जाऊंगा मैं।। )

प्रभु हम भक्तो की चाह यही है,

श्रीराम मिलन की आस जगी है,

जीभा ये नाम गुनगुनाती रहे,

हर पल तुम्हारी याद आती रहे राघव आती रहे,

तेरी छबि मन को लुभाती रहे.....

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।