क्यों ली ना खबर तूने मेरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कबसे राहें तकूँ श्याम तेरी,

क्यों ली ना खबर तूने मेरी,

रुक जाएंगी सांसें ये,

जो तूने करी देरी....

श्याम मेरे श्याम..........

श्याम मेरे श्याम..........

मेरा कोई नहीं है सहारा,

कहीं मिलता नहीं है किनारा,

राहें जीवन की है सब अँधेरी,

क्यों ली ना खबर तूने मेरी,

रुक जाएंगी सांसें ये,

जो तूने करी देरी....

श्याम मेरे श्याम..........

श्याम मेरे श्याम..........

भक्त प्रह्लाद गज को बचाया,

मान द्रोपद का जाके बढ़ाया,

कौरवों की सभा में थी घेरी,

क्यों ली ना खबर तूने मेरी,

रुक जाएंगी सांसें ये,

जो तूने करी देरी.....

श्याम मेरे श्याम..........

श्याम मेरे श्याम..........

तू ही हारे का है एक सहारा,

मुश्किलों में तुझे ही पुकारा,

क्यों राजू से नज़रें ये फेरी,

क्यों ली ना खबर तूने मेरी,

रुक जाएंगी सांसें ये,

जो तूने करी देरी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।