आया सावन का पावन मेला

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में गणपत जी आए,

साथ अपने वह रिद्धि सिद्धि लाये,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में ब्रह्मा जी आए,

संग अपने वह ब्रह्माणी को लाए,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में विष्णु जी आए,

संग अपने वह लक्ष्मी जी को लाए,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में भोले जी आए,

संग अपने वह गौरा जी को लाए,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में रामा जी आए,

संग अपने वह सीता जी को लाए,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस मेले में कान्हा जी आए,

संग अपने वह राधा जी को लाए,

देखो कोई ना आया अकेला, आया सावन का पावन मेला,

छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला,

आया सावन का पावन मेला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।