मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

पहला धाम मात पिता की आज्ञा,

सास ससुर की सेवा करा दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

दुजा धाम मेरा गंगा और जमुना,

मुझे उसका नहान करा दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

तीजा धाम मेरा बाग बगीचा,

उसमें फूल खिला दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

चौथा धाम मेरा मोह और माया,

मेरा उससे मोह छुड़ा दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

पांचवा धाम मेरा देवी दर्शन,

मुझे उसके दरस करा दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

छठवां धाम मेरा गुरुजी का सत्संग,

मुझे सत्संग बीच बैठा दे, भोले रट लुगी राम,

मेरे सारे धाम करा दे भोले रट लूंगी राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।