दुनिया में मच रयो शोर भोले भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दुनिया में मच रयो शोर भोले भंडारी......

कोई कहे त्रिपुरारी, कोई कोई भंडारी,

कोई करे तपस्या घोर भोले भंडारी,

दुनिया में मच रयो शोर भोले भंडारी......

कोई कहे जग का दाता, कोई भाग्य विधाता,

भगतो का है चित चोर, भोले भंडारी,

दुनिया में मच रयो शोर भोले भंडारी......

चंदा मस्तक पे है साजे,

गंगा जटा में विराजे,

ऐसी दाता की सूरत लोर, भोले भंडारी,

दुनिया में मच रयो शोर भोले भंडारी......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।