कोई आया सखी फुलवारिया में

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

कोई आया सखी फुलवारिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में......

सावला एक है एक गौरा बदन,

देख कर भी ना अब तक भरा मेरा मन,

ऐसा रूप नहीं देखा उमरिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में,

कोई आया सखी फुलवारिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में......

कोई कहता है दशरथ दुलारे है वो,

यज्ञ रक्षा में असुरो को मारे है वो,

तीर बांधे है कसकर कमरिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में,

कोई आया सखी फुलवारिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में......

शादी उनसे होती हर हाल में,

आया करते हमेशा ससुराल में,

नैना डूबे रहते उनकी लेहरिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में,

कोई आया सखी फुलवारिया में,

जैसे जादू है उनकी नजरिया में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।