भोले बाबा नाच करत हैं

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा नाच करत हैं

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ॐ नमोः शिवाय, ॐ नमोः शिवाय, xll-ll

भोले बाबा, नाच करत हैं ll, जब मस्ती में आए,,,

ॐ नमोः शिवाय, ॐ नमोः शिवाय, xll-ll

बोलो नीलकंठ की,,, ( जय जय जय )

बोलो डंमरु धारी की,,, ( जय जय जय )

कानो में तेरे, कुंडल सोहे, "माथे चंदा साजे" l

धिनक धिनक धन, नाच करत हैं, "डम डम डंमरु वाजे" ll

गौरां माता, और गणपति,,, ll, मंद मंद, मुस्काए,,,

ॐ नमोः शिवाय, ॐ नमोः शिवाय, xll-ll

बोलो शंभु नाथ की,,, ( जय जय जय )

बोलो जटाधारी की,,, ( जय जय जय )

तीन लोक के, करता धर्ता, "सब लोगों के स्वामी" l

नंदी गण की, करे सवारी, "शंकर अन्तर्यामी" ll

लीला अपनी, आप ही जाने,,, ll, समझ ना, हम को आए,,,

ॐ नमोः शिवाय, ॐ नमोः शिवाय, xll-ll

बोलो कैलाश पति की,,, ( जय जय जय )

बोलो त्रिशूल धारी की,,, ( जय जय जय )

नील कंठ, कहलाते भगवन, "ग़ल सर्पों की माला" l

शिव शिव शिव शिव, करे शिव भोले, "कर्मा रोपड़ वाला" ll

कमर सजे, सुंदर मृगशाला*,,, ll, तन पे, भस्म रमाए,,,

ॐ नमोः शिवाय, ॐ नमोः शिवाय, xll-ll

बोलो आशुतोष की,,, ( जय जय जय )

बोलो भोले नाथ की,,, ( जय जय जय )

बोलो शंभु नाथ की,,, ( जय जय जय )

बोलो जटाधारी की,,, ( जय जय जय )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।