तेरे सदके तू भेज दे बुलावा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय माता दी, जय माता दी,

सारे बोलो जय माता दी,

तेरे सदके तू भेज दे बुलावा,

दोनों हाथ जोड़ के मैं आऊं शेरावालिये,

मांगू और क्या मैं इसके इलावा,

छोड़ के ना दर तेरा जाऊं शेरावालिये.....

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली....

धरती क्या आकाश है क्या सब तेरे इशारों से चलते हैं,

तेरे इशारों से चलते हैं,

चाँद सितारों के दीपक भी तेरे नूर से ही चलते हैं,

तेरे नूर से ही चलते हैं,

हम बन्दों की हस्ती क्या है तेरी दया पर ही पलते हैं,

तेरी दया पर ही पलते हैं,

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे सदके तू भेज दे बुलावा,

दोनों हाथ जोड़ के मैं आऊं शेरा वालिये,

मांगू और क्या मैं इस के इलावा,

छोड़ के ना दर तेरा जाऊं शेरा वालिये.....

रोता आये हँसता जाए तेरे दर की रीत यही है,

तेरे दर की रीत यही है,

नित नित तेरे दर्शन करना हम भक्तो की प्रीत यही है,

हम भक्तो की प्रीत यही है

जिस को चाहे उसको बुलाये मैया तेरी रीत यही है,

मैया तेरी रीत यही है,

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली,

शेरावाली मैहरवाली ज्योतावाली लाटावाली,

तेरे सदके तू भेज दे बुलावा,

दोनों हाथ जोड़ के मैं आऊं शेरावालिये,

मांगू और क्या मैं इसके इलावा,

छोड़ के ना दर तेरा जाऊं शेरावालिये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।