भूल ना जाना शेरावालिये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया दरश दिखाने आना,

मैया भोग लगाने आना,

मैया पाप हमारे मिटाना,

मैया दुष्कर्मो से बचाना,

भूल ना जाना शेरावालिये....

जय माता दी सारे बोलो जय माता दी..

बिन पतवार की कश्ती जैसा,

ये जीवन है हमारा,

ये जीवन है हमारा,

देखे जहा हम मुड़के देखे,

चारो तरफ अँधियारा,

मैया राह बताने आना,

मैया दिप जलने आना,

मैया हर उलझन सुलझाना,

मैया नैया पार लगाना,

भूल ना जाना शेरावालिये......

जय माता दी सारे बोलो जय माता दी..

सारी दुनिया बेगानी है,

कोई नही है सहारा,

हम सारे मूरख अज्ञानी,

ज्ञान का दो उजियारा,

मैया लाल चुनरिया उड़ाना,

मैया शरण में अपनी बिठाना,

मैया हमको ना ठुकराना,

मैया हमको कभी ना रुलाना,

भूल ना जाना शेरावालिये.......

जय माता दी सारे बोलो जय माता दी..

मैया दरश दिखाने आना,

मैया भोग लगाने आना,

मैया पाप हमारे मिटाना,

मैया दुष्कर्मो से बचाना,

भूल ना जाना शेरावालिये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।