दया करो भोलेनाथ दीन पे दया करो

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दया करो भोलेनाथ,

दीन पे दया करो,

हे मेरे भोलेनाथ,

दीन पे दया करो.....

आया हूँ मैं शरण तुम्हारी,

करो कृपा भोले भंडारी,

लाज मेरी तेरे हाथ,

दीन पे दया करो....

हर पल दाता राह निहारु,

हर पल तेरा नाम पुकारू,

बाट जोऊँ दिन रात,

दीन पे दया करो....

तीनो लोको के तुम स्वामी,

तुम हो दाता अंतर्यामी,

जानो मन की बात,

दीन पे दया करो...

सबकी बिगड़ी आप बनाते,

सबका बेडा पार लगाते,

नाव मेरी तेरे हाथ,

दीन पे दया करो...

मैं हूँ दर्शन का अभिलाषी,

आ जाओ बाबा कैलाशी,

माँ गौरा के साथ,

दीन पे दया करो...

दया करो भोलेनाथ,

दीन पे दया करो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।