बम भोले तू मन को भाये

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नैनन में बसी है सुरतिया तुम्हारी,

करू दिन रात भोले मैं पूजा तुम्हारी,

बम भोले,, तू मन को भाये,

कण कण में तू ही समाये......

मैं तो भोले तेरे खातिर,

रहता हूँ हरदम ही हाज़िर,

जबसे भोले तुझको ध्याया है,

मैंने सब कुछ तुमसे पाया है,

तुम्ही से दिल को लगाए,

कण कण में तू ही समाये,

बम भोले तू मन को भाये.....

तुझे समपृत सब कुछ किया है,

कुछ नहीं मेरा सब तेरा है,

तू ही मेरा विश्वास है,

तुझसे ही सब आस है,

ये आशा,, टूट ना पाए,

कण कण में तू ही समाये,

बम भोले तू मन को भाये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।