आज भोलेनाथ पधारे है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आज भोलेनाथ पधारे है,

हम भक्तों के भाग्य जगे है,

वारे न्यारे है....

कोई गंगाजल लाये,

इनका अभिषेक कराये,

कमल के फूल से भगतों,

सजाए आज इनको,

भांग धतूरा बेलपत्र इन्हें,

लगते प्यारे है,

आज भोलेनाथ पधारे है.....

मेरे भोलेनाथ जैसा,

नही कोई और ऐसा,

बैठ गंगा के किनारे,

भगतों के है रखवारे,

मुखड़ा ऐसे चमचम चमके,

ज्यूँ चाँद सितारे है,

आज भोलेनाथ पधारे है.......

लगा दरबार बैठा,

बड़ा दातार बैठा,

अरज जिसने है लगाई,

करी है तुरत सुनाई,

पल में भंडारे ये भरता,

जो नाम पुकारे है,

आज भोलेनाथ पधारे है.....

H k pyasa

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।