रोते रोते आते है हंसते हंसते जाते है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रोते रोते आते है हंसते हंसते जाते है, करते पूरी आशा ओ सदा,

मन से बुलाले तू दिल में बिठाले तू दूर हो जाएगी विपदा,

रोते रोते आते है......

देखो ओ समाए हर प्राणी जगत के दिल में,

आते जब बुलाते जब, बुलाए कोई मुश्किल में,

गज को बचाया है अपना बनाया है, हुए फिर वहां से विदा,

मन से बुलाले तू दिल में बिठाले तू दूर हो जाएगी विपदा,

रोते रोते आते है......

आया जो शरण में उसका उद्धार किया है,

नैया उस कन्हैया ने कितनों की पार किया है,

पार लगाना तू दर्श दिखाना तू दुनियां से जब हूं विदा,

मन से बुलाले तू दिल में बिठाले तू दूर हो जाएगी विपदा,

रोते रोते आते है......

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।